Sunday, 14 April 2013

B. R. Ambedkar Birth day Celebration 14 April 2013 in Didihat

B. R. Ambedkar
Indian Political leader
Bhimrao Ramji Ambedkar, popularly also known as Babasaheb, was an Indian jurist, political leader, philosopher, anthropologist, historian, orator, economist, teacher, editor, prolific writer, revolutionary and a revivalist for Buddhism in India. Wikipedia
Born: April 14, 1891, Mhow
Died: December 6, 1956, Delhi
Awards: Bharat Ratna













Friday, 12 April 2013

इंसाफ चाहिये


72 वर्षीय आदिवासी महिला कौशल्या देवी टोलिया का अपने सामाजिक न्याय तथा अधिकारों में संघर्ष तथा मृत्यु
संवेदन विहीन ह्रदय विहीन क्षेत्र में कोई सहयोगी नहीं न्याय पालिका ,लोकायुक्त अनुसूचित जाति जनजाति आयोग सूचना आयोग तथा प्रशासन में बी.पी.एल. महिला का अकेला संघर्ष 98 हजार रुपया कोर्ट फीस जमा न कर सकने पर इंसाफ से वंचित R.T.I. से हर उत्पीड़नो का पर्दा फास

इंसाफ चाहिये
माननीय
लोकायुक्त महोदय
उत्तराखंड शाशन देहरादून
द्वारा उपजिलाधिकारी डीडीहाट पिथौरागढ़

शिकायत कर्ता :- कैलाश सिंह टोलिया पुत्र स्व श्री भवान सिंह टोलिया रोडवेज स्टेशन डीडीहाट पिथौरागढ़
माननीय मेरे शिकायत पर माननीय द्वारा श्रीमान जिलाधिकारी अधिकारी महोदय को जाँच आख्या प्रस्तुती के आदेश पर में माननीय लोकायुक्त का आभार व्यक्त करता हूँ |

मेरी माता स्व कौशल्या देवी पत्नी स्व भवान सिंह तहसील वार्ड डीडीहाट ने माननीय विधायक विशन सिंह चुफाल से हाथ जोड़कर गिडगिडा कर अनुरोध किया था,हमारे घर के आगे पेशाब घर शौचालय,पैदल मार्ग तथा पाइपो का जाल न बिछाया जाय | पूर्वाग्रह से ग्रस्त विधायक ने आग बबूला होकर वहा पर चीयर पर्सन मुन्नी देवी सभासद,गंगा सिंह चुफाल को आदेश दिया,लक्ष्मण राम के घर से पेसाब घर हटाओ ओर इनके घर के आगे बनाओ, और दूकान की दरे लक्ष्मण राम के सामने बनाओ | शौचालय पूर्व में भगत सिंह टोलिया,भगवान् सिंह टोलिया तथा लक्ष्मण सिंह टोलिया के आगे था उसे ध्वस्त कर नया शौचालय पेशाब घर हमारे घर के आगे, व् लक्ष्मण राम की दुकाने बन गयी |

धव्स्तीकरण नव निर्माण उनके हित में किया गया,जिनके नाम पर उपरोक्त जगह पर भूमि शून्य है | और तहसील प्रशाशन ने लिख डाला हमारा अवेध कब्ज़ा है | आज R.T.I. कार्यकर्ता जसवन्त सिंह के अथाह प्रयासो ने साबित कर दिया रोडवेज स्टेशन में सबसे ज्यादा भूमि स्व भवान सिंह मोहन सिंह के नाम से है |

11.02.2013 को श्रीमान उपजिलाधिकारी प्रस्तुत आवेदन व् साक्ष्यो को इन्साफ के नजरिये से देखा जाय तो 38 मुठ्ठी भूमि हमारे नाम से है |

R.T.I. से साबित हुआ है निर्माण ध्वस्तीकरण गैर कानूनी,सरकारी धन का दुरपयोग,बिना एन० ओ० सी० ,रोड लैंड कण्ट्रोल एक्ट का उल्लंघन लोकनिर्माण विभाग के नोटिसो की अवहेलना तथा श्रीमान जिलाधिकारी के आदेशो की अवहेलना है | प्रशासन आदेश तक, लोकनिर्माण विभाग नोटिश तक सिमित रहा है राजनीति के दबाव में, जबकि उपरोक्त अतिक्रमण पर प्रशासन कार्यवाही के लिए सक्षम है |
नगर पंचायत जैसे संस्था को अतिक्रमण पर अंकुश लगाना चाहिये था,पर स्वयं नगर पंचायत डीडीहाट ने राजमार्ग पर अतिक्रमण कर राष्ट्रद्रोही कार्य तथा दलित का उत्पीडन किया है |

दुरभाग्य पूर्ण था माननीय न्यायालय नि:शुल्क विधिक सेवा प्राप्त बी० पी० एल० परिवार से 98000/- हजार कोर्ट फीस की मांग करना | फीस जमा न कर सकने पर केस ख़ारिज |

मार डाला मेरी माता को विधायक विशन सिंह चुफाल ने,नगर पंचायत डीडीहाट ने,लोकनिर्माण विभाग ने प्रशाशन तथा न्यायपालिका ने तथा भाईयो ने |

संवेदनहीन ह्रदय विहीन समाज में हमारा सहयोगी कोई नहीं,भाइयो ने पैत्रिक आवास में पक्का निर्माण कर हमारा शौचालय तथा पानी का रास्ता अवरुद्ध कर डाला व्यथित होकर माता जी बीमारी के हालात में दूसरे के घर में रहने पर बेबस थी | जहाँ उनकी मृत्यु हो गयी है |

महोदय में बेरोजगार बी० पी० एल० व्यक्ति हूँ मेरा एक भाई हेड मास्टर दूसरा भाई १० नम्बरी है माता जी मेरे साथ रहती थी | आज भी उपरोक्त मेरे पत्नी तथा नाबालिग पुत्री को शौच तथा पानी से वंचित रखे हुए है | हमे पैत्रिक सम्पति से वेदखल करने की साजिस की जा रही है हमे इन्साफ एवं सुरक्षा दी जाय |

कैलाश सिंह टोलिया


माननीय प्रधानमंत्री जी


माननीय प्रधानमंत्री जी
डॉ.मनमोहन सिंह
भारत सरकार नयी दिल्ली

विषय – देश में सबसे बड़ा भ्रष्टाचार मानवीय शोषण,दलितों का अपमान,भारत सरकार में, को माननीय के संज्ञान में लाने हेतु |

देश में सबसे बड़ा भ्रष्टाचार भारतीय जीवन बिमा निगम (L .I .C .) में है | नारी जीवन से शर्मनाक सवाल पूछकर बीमा की स्वीकृति की जटिलता मात्र पाखण्ड तथा खाना पूर्ति होती है खुलेआम संविधानिक कानूनों,बीमा अधिनियमों की धज्जिया उड़ायी जाती है खुलेआम फर्जी हस्ताक्षर से डमी एजेंसी परीक्षा पास डमी व्यवसाय रवेत बीमा पालसिया खुलेआम बेचीं जाती है | फर्जी मेडीकल खुला प्रचलन पार्टी दिल्ली में, मुंबई में, मेडिकल फिट अरबो रूपया मेडिकल में व्यय करती है, L .I .C . जो पूर्ण रूप से फर्जी होता है | L .I .C .के इतिहास में एक नया चेप्टर जोड़ा एक आदिवासी ने एजेंसी संख्या 4490405 तथा 13320 शाखा डीडीहाट ने 4490405 एजंसी को 1991 से व्यवसाय ना करने पर भी रिनुवल कमीशन L .I C. अपने अधिनियमों के विरुद्ध देती है एजंसी में गम्भीर आरोप वर्षो कमिशनो के भुगतान में रोक अपने सतर्कता से हारी है L .I .C . 4490405 एजेंसी के साथ अमानवीय व्यवहार नहीं करते आज एजेंसी देश के टॉप एजेंटो में होती | तो आज अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति में सन्देश जाता, दलित उत्थान आरक्षण की नोकरी में नहीं अन्य क्षेत्रो में है |
13320 डमी एजेंसी पत्नी के नाम L . I .C .के हर फर्जीवाड़ा का पर्दाफाश लाखो में प्रीमियम फिर छोड़ डी एजंसी, विकास अधिकारी सबसे बड़ा अभिशाप है L .I C . में एजंटो के मेहनत पर मलाई मारता है |अरबो रूपया खर्च करती है L .I C . डी ओ पर |
L .I C . के फर्जीवाडा में अंकुश लगाया जाय | देश के हर नागरिक को बहुत कम प्रीमियम में बहुत बड़ी सुरक्षा दी जा सकती है | L .I C . भ्रष्टाचार में संघर्ष करने पर छह माह की सजा काटी है इतिहासिक जेल अल्मोड़ा में,जहाँ देश के आजादी के संघर्ष में महान आत्मा देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरु ने यातना भोगी थी | बहुत प्रेरणा मिली उनके जीवन से बहुत सुंदर है अल्मोड़ा | सजा नहीं ट्रेनिग थी भ्रष्टाचार तथा उत्पीडन के खिलाफ संघर्ष के लिए | निर्दोष था तभी अपील नहीं किया था | मुझे सजा अधिकारों का दुरुपयोग न्यायिक प्रणालियों का उल्घंन था | R.T.I . से लम्बे संघर्षो से L .I C . के भ्रष्टाचार का पर्दा फास किया है R.T.I. से L .I C . 22 सालो का T .D .S. आयकर देने पर बेबस हुआ है जिससे माननीय आयकर आयुक्त ने सरासर आयकर अधिनियमों का उल्लघंन तथा दण्डनीय करार दिया है | पूर्वाग्रह से ग्रस्त L .I C . प्रबंधन द्वारा वित्तीय क्षति देने के लिए जानबूझ कर टी.डी.एस. नहीं दिया जाता था |
जिसे L .I C . लाखो का भुगतान वर्षो से करती है उसे आयकर दाता होने चाहिये था उसके पास बी0 पी0 एल0 का राशन कार्ड पर्दाफाश R.T .I . से |
पांच सौ करोड़ का मुवाअजा भी कम है L .I C .पर | L .I C . ने जानबूझ कर अपने गलतियों को छिपाने के लिए मेरी रोजी रोटी छिनी है मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल किया है न्याययिक मजिस्ट्रेट तथा पुलिस को रिश्वत देकर सजा दिलायी है |
सबसे बड़ा शोषण मानवीय शौषण बी0 आर0 ओ0 सीमा सडक संगठन भारत सरकार में होता है |
बी0 आर0 ओ0 लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक देश सुरक्षा तथा जनहित में सडको तथा सेतु का निर्माण दैनिक मजदूरो के सहयोग से वीरान परिस्थियों माईनस तापमान खतरनाक हिम ग्लेशियरो तीव्र हिम नदियों गर्म मरुस्थलो में जोखिम उठाकर अपने इंजीनियरों पाइनियरो तथा दैनिक मजदूरो के सहयोग से सडक सेतु का निर्माण करती है हजारो दैनिक मजदूर कई प्रान्तों के मजदूर मजदूरी करते है | पाइनियरो इंजीनियरों अधिकारियों को वही वेतन तथा सुविधा,वेतन दिया जाता है जो भारतीय सेना को दिया जाता है | दैनिक मजदूरों को निम्न दैनिक भत्ते के अलावा कुछ भी नहीं मिलता है | घर से हजारो किमी0 बाहर रहने मजदूरी में सरकारी तथा प्राइवेट सेक्टरो में मिलने वाले से बहुत कम होता है |
मस्टोल दैनिक मजदूरी में खुला भ्रष्टाचार होता इंजीनियर अधिकारी पाइनियर मजदूरों से बेकार तथा राशन सामान, शराब तथा कपडे बेचते है, भेदभाव क्यों राष्ट्रहित में मजदूरों का महत्वपूर्ण योगदान रहते हुए भी | आखिर मजदूर भी भारत माता की संतान है फिर भेदभाव क्यों ?

अनुसूचित जाति,जनजातियो का खुलेआम अपमान करती है L .I .C .| विभागीय पदोन्नति में अनुसूचित जाति, जनजातियो को मंद बुद्धि का समझ कर विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था करती है हिन् भावनाओं के चलते | क्या दलित मंद बुद्धि का होता है ? बुद्धि जात विशेष पर निर्भर करती है ,सपनो को प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं वरन उन्हें समझा जाता है | क्या भारतीय सेना में आरक्षण विहीन क्षेत्र में अनुसूचित जाति जनजातियो तथा आदिवासियों ने पदोन्नति नही पायी है ?
भारत रत्नं डॉ भीमराव अम्बेडकर, मायावती जी,कासीराम, शेरपा तेन सिंह महान सर्वेयर नैन सिंह रावत पदम श्री लक्ष्मण सिंह जंगपांगी,विजेंद्रीपाल ने जो राष्टहित में किया क्या आरक्षण के दायरे में रह कर किया ? L .I .C .घटिया हरकत नहीं करती तो में आज एक आदिवासी टाप का एजेंट होता |
उत्तराखंड राजनेता, मिडिया, प्रशाशन, पुलिस,न्यायपालिका,आयोग आयुक्त, खुले आम दलितों की अवहेलना तथा नजर अंदाज करते है | एक एक साक्ष्य मेरे ब्लाग में है जिनका अवलोकन समूचा विश्व कर रहा है |

सादर से
जसवंत सिंह जंगपांगी   

असहनीय दलित उत्पीडन में अकेला संघर्ष


असहनीय दलित उत्पीडन में अकेला संघर्ष
सामाजिक न्याय में संघर्ष , न्याय नही मिला

में हरीश राम पुत्र स्व० नाथूराम नई बस्ती डीडीहाट पिथौरागढ़ उत्तराखंड 1999 में 12 साल का था हमारे परिवार में गहरा संकट आ पड़ा, हम तबाह हो गये घर सामनो की नीलामी पिताजी को सजा फिर मृत्यु | पिताजी के नाम से हजारो का हेसियत प्रमाण नगर पंचायत से प्राप्त कर कुछ पैसा शराब के लालच में जिला न्यायालय में तिब्बती अभियुक्तों की जमानत करा दी | अभियुक्त तारीको में आये नही,न्यायालय में उपस्थित में हुए नहीं | न्यायालय ने जमान्तियो पर कार्यवाही कर दी घर के सामनो को पुलिस उठा कर ले गयी फिर नीलामी की गयी | फर्जी हैसियत को मेरी माता जी ने एडवोकेट कुंदन सिंह कफलिया के द्वारा न्यायालय में चुनोती दी गयी थी | पर बख्स दिए गये फर्जी हैसियत बनाने वाले | न्यायालय में जमानत राशि जमा करना था मेरी माँ के पास पांच हजार रूपया बैंक में जमा थे रशीद सुधा जोशी के पास रखे थे 26 अगस्त 1999 में रशीद मांगने पर मेरे माँ बाप को सडक में घसीट घसीट कर पिटा गया बैंक जाने पर बैंक मेनेजर द्वारा धक्के मारकर मेरी माँ को यह कह बहार किया कि तेरा बैंक में कोई पैसा नहीं है |

मामला पुलिस थाना डीडीहाट,पुलिस उपाधीक्षक के पास पंहुचा मीडिया की सुर्खिया बनी | पैसा नही मिला पेसो के आभाव में मेरे पिताजी स्व नाथूराम को सजा हो गयी जिला जेल अल्मोड़ा भेज दिया गया | जहां आत्म ग्लानी से गंभीर बीमार पद गये घर भेज दिया गया फिर मृत्यु हो गयी | मेरे पिताजी शराब पीते थे वह जमानती थे वह जामनती थे शातिर अपराधी नहीं थे | दूसरे जामनती ने 5 हजार न्यायालय में जमा किया सजा से बच गया | पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ,रशीद सुधा जोशी के पास ही थी | रशीद देने में संकोच क्यों | वर्ष 2006 में केस स 847/006 जयंती देवी बनाम सुधा जोशी जूनियर डिविजन न्यायालय डीडीहाट में
दायर हुआ मजिस्ट्रेट पेसकार ने कहा बड़े लोगो से मत टकराओ केस वापस ले लो उस समय हमारा सहयोगी जसवंत सिंह जंगपांगी अल्मोड़ा जेल में था हमारा कोई सहयोगी नहीं था केस वापस ले लिया | फिर सुधा जोशी के वकील अरविन्द चोहान ने नोटिस पारित कर कोर्ट खीचने का धोंस दिया, फिर मेनें जसवंत सिंह जी की मदद से नोटिस का मुहतोड़ उत्तर जवाब दिया तब से बोलती बंद है |1999 में बेंक से पैसा मिल जाता तो में अनाथ तथा मेरी माँ विधवा नहीं होती | जसवंत सिंह ने बहुत सहा है हमारे लिए में उनका आभार व्यक्त करता हूँ | जसवन्त सिंह के प्रयासों के चलते 2001 में 10 हजार से ज्यादा का भुगतान मेरी माता श्रीमती जयंती देवी को शपथ पत्र से जिला सहकारी बैंक से किया गया रशीद फिर भी सामने नहीं आयी क्योकि रशीद से पूर्व में फर्जी तौर से पैसा निकल चूका था पुलिस बैंक ने सुधा जोशी का बचाव किया था बैंक अधिनियमों अनुसार बैंक F.D. कभी भी तोड़ी जा सकती है | अल्मोड़ा जेल में पिताजी जी से मिलने गया था | बहुत अफ़सोस था उनको लोगो ने धोखा दिया था,मेरे पिताजी की हत्या की है सुधा जोशी ने,बैंक ने,नगर पंचायत डीडीहाट ने, पुलिस ने , वे चाहते तो हमे पैसा 1999 में ही मिल जाता बैंक एफ डी कभी भी तोड़ी जा सकती है मेरी माँ ने वर्षो सुधा जोशी के घर में मेहरी का काम किया था |

हरीश राम









स्व कौशल्या देवी को इन्साफ मिलना चाहिए था जैमती देवी पत्नी देवेन्द्र सिंह टोलिया अम्बेडकर वार्ड डीडीहाट
बहुत खुदार ओरत थी कौशल्या देवी कठोर परीश्रम से पति पत्नी ने अपना आशियाना बनाया था पचास साल से ज्यादा पुराना है उनका घर अपने छोटे बेटे कैलाश,बहु तथा छोटी पोती तानिका के साथ रहती थी | बड़े बेटो नेंर नाता तोड़ लिया था पति भवान सिंह की मृत्यु 30 साल पहले हो गयी थी |
दुसरो के घरो के आगे से सार्वजनिक शौचालय पेशाब घर पैदल मार्ग हटाकर उनके घर के आगे बनाना अमानवीय था बहुत गिडगिडायी थी | किसी का सहयोग मानवीय संवेदनाओ में नहीं | अपने सामाजिक न्याय और अधिकारों में अभाव में रहते हुए भी संघर्ष पर उत्तर आयी थी | जसवंत सिंह का भावनात्मक सहयोग उन्हें मिला | जीवन में पहली बार 72 वर्ष की उम्र में नैनीताल देहरादून हरिद्वार मैदानी क्षेत्रो को देखा | आर्थिक तथा मानसिक रूप से परेशान बीमार पद गयी | बड़े बेटे ने शौचालय तथा पानी का रास्ता बंद कर दिया | क्या करती मेरे घर रहने लगी में एक विधवा हूँ एक विधवा का दर्द विधवा ही जानती है | जसवंत सिंह उनके लिए संघर्ष करता है जिसका कोई नही होता है | मेरे घर में बेहोस हुई फिर मृत्यु हो गयी कौशल्या देवी |


जैमती देवी


शांति देवी टोलिया पत्नी हयात सिंह तहसील वार्ड डीडीहाट

मेने अंतर जातीय विवाह किया मेरे पति बेरोजगार है,मेरे छोटे छोटे चार बच्चे है | मेरे पति अचानक बीमार पड़ गये हमारी आर्थिक स्थिति दयनीय थी मरणासन स्थिति में जिला चिकित्सालय पिथौरागढ़ जसवंत सिंह जंगपांगी ले गये चिकित्सालय के बरामदे में रह कर मेरे पति का उपचार किया | आज मेरे पति एक दम ठीकठाक है | ऐसा तो अपने भी नहीं करते है |

कैलाश सिंह टोलिया

जसवंत सिंह जो दुसरो के लिए करते है अपने भी ऐसा नहीं करते है मेरे माता जी को न्याय दिलाने के लिये देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़,तथा न्यायालय जसवंत सिंह के अथाह प्रयासों के चलते आज जमीन तहसील रिकार्ड में हमारे नाम पर अंकित हुआ है | मुझे आशा है हमे इन्साफ भी उनके प्रयासों से मिलेगा |


कैलाश सिंह टोलिया